जैविक उपकरणों को एकजुट करके ALS के लिए नया दृष्टिकोण
Google/DeepMind
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Google DeepMind के Co-Scientist AI सिस्टम ने शोधकर्ताओं Ritu Raman और Ryan Flynn को ऊतक इंजीनियरिंग और RNA जीवविज्ञान में उनकी विशेषज्ञता को जोड़ने में मदद की, जिससे ALS के इलाज के लिए नई परिकल्पनाएँ विकसित हुईं। सिस्टम ने तेज़ी से साहित्य का संश्लेषण किया और परीक्षण योग्य दिशाएँ सुझाईं, जिससे RNA-आधारित तंत्र और ALS के लिए संभावित दवाओं को लक्षित करने वाला एक सहयोग शुरू हुआ।
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) की मैकेनिकल इंजीनियर रितु रमन, गति संबंधी रोगों के मॉडल के लिए जीवित तंत्रिका और मांसपेशी ऊतकों का निर्माण करती हैं। बोस्टन चिल्ड्रन हॉस्पिटल में उनके पति रयान फ्लिन, कोशिका सतहों पर RNA का मानचित्रण करके संचार और रोगाणु आक्रमण का अध्ययन करते हैं। जब रमन ने अपने सामान्य क्षेत्र से बाहर एमायोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS) पर शोध शुरू किया, तो उन्हें एक विशाल और विरोधाभासी साहित्य का सामना करना पड़ा, जिसे समझने में महीनों लग सकते थे। Google DeepMind के Co-Scientist का उपयोग करके, उन्होंने उस कार्य को संक्षिप्त किया, अपने ऊतक मॉडल से संबंधित साक्ष्यों की जांच की, विचारों को परीक्षण योग्य परिकल्पनाओं में बदला, और व्यवहार्यता व जोखिम-लाभ के आधार पर दिशाओं को रैंक किया। सबसे अच्छे सुराग कोशिका सतह तंत्रों से संबंधित थे, जहां अधिकांश कोशिकीय संचार होता है, लेकिन उन आणविक अंतःक्रियाओं को समझना रमन की विशेषज्ञता से बाहर था। वह अपने निष्कर्ष फ्लिन के पास ले गईं, और दोनों ने मिलकर Co-Scientist का पुनरावृत्तीय उपयोग किया, विचारों को अपने अलग-अलग उपकरणों को एकजुट करने वाले रचनात्मक शोध रास्तों में जोड़ा। वे अब ALS को लक्षित करने के लिए नए RNA-आधारित तंत्रों और दवाओं की खोज कर रहे हैं।
स्रोत: Google DeepMind —
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