शोध 🇺🇸 11.08.2026 13:03

एआई ने सिज़ोफ्रेनिया की आनुवंशिक जटिलताओं को सुलझाने में मदद की

नेचर जेनेटिक्स में प्रकाशित एक नए अध्ययन में एआई मॉडल का उपयोग करके सिज़ोफ्रेनिया से जुड़े 766 जीनों की पहचान की गई, जिनमें 641 नए जीन शामिल हैं, जिससे पता चला कि यह रोग आनुवंशिक वेरिएंटों के एक आपस में जुड़े नेटवर्क से उत्पन्न होता है। ये निष्कर्ष 102,000 से अधिक लोगों और मस्तिष्क ऊतक के नमूनों के विश्लेषण से प्राप्त अब तक का सबसे विस्तृत आनुवंशिक नक्शा प्रस्तुत करते हैं।
नेचर जेनेटिक्स में प्रकाशित एक अध्ययन में मानव मस्तिष्क में हजारों जीनों की समन्वित गतिविधि का पुनर्निर्माण करने के लिए एआई-आधारित कम्प्यूटेशनल मॉडल का उपयोग किया गया है, जिसमें सिज़ोफ्रेनिया से जुड़े 766 जीनों की पहचान की गई है, जिनमें से 641 पिछले ट्रांसक्रिप्टोमिक विश्लेषणों में नहीं पाए गए थे। कई लंबी दूरी के आनुवंशिक नियामक संकेतों के माध्यम से खोजे गए थे, जो इस विचार का समर्थन करते हैं कि जीन एक पृथक तत्वों के बजाय एक परस्पर जुड़े नेटवर्क के रूप में कार्य करते हैं। शोधकर्ताओं ने इस खोज की तुलना पूरे पड़ोस की रोशनी जलाने से की, अब बीमारी के आनुवंशिक मानचित्र का एक बड़ा हिस्सा देख रहे हैं। विश्लेषण में 102,000 से अधिक लोगों के आनुवंशिक डेटा और सैकड़ों दाताओं के छह क्षेत्रों से मस्तिष्क के ऊतकों के नमूने शामिल थे। इस परियोजना में लीबर इंस्टीट्यूट फॉर ब्रेन डेवलपमेंट, बारी विश्वविद्यालय और दर्जनों मनोरोग केंद्र शामिल थे। सिज़ोफ्रेनिया दुनिया भर में लगभग 2.3 करोड़ लोगों को प्रभावित करता है, और जबकि पारिवारिक इतिहास जोखिम बढ़ाता है, यह निश्चित नहीं है। लक्षणों में मतिभ्रम, भ्रम, सामाजिक अलगाव और विचार विकार शामिल हैं, जो परस्पर क्रिया करने वाली जैविक प्रक्रियाओं की जटिलता को दर्शाते हैं।
स्रोत: Wired AI — मूल
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