लियांग वेनफेंग ने सतत सीखने की क्षमता को AI की कमजोरी बताया। DeepSeek इस समस्या को कैसे हल करता है?
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DeepSeek के प्रमुख लियांग वेनफेंग ने कहा कि AI की सतत सीखने की क्षमता एक महत्वपूर्ण कमजोरी है। कंपनी इस मुद्दे को हल करने के तरीके विकसित कर रही है, जिसमें कुशल फाइन-ट्यूनिंग एल्गोरिदम और मॉडलों को नए डेटा पर शुरू से प्रशिक्षित किए बिना अनुकूलित करना शामिल है।
DeepSeek के CEO लियांग वेनफेंग ने बताया कि आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों की मुख्य समस्याओं में से एक उनकी निरंतर सीखने की क्षमता की कमी है। मनुष्यों के विपरीत, जो लगातार नई जानकारी अवशोषित करते हैं, अधिकांश एआई मॉडल प्रशिक्षण चरण के बाद स्थिर बने रहते हैं और पूर्ण पुनर्प्रशिक्षण के बिना नए डेटा के अनुकूल नहीं हो सकते। DeepSeek इस समस्या को हल करने के लिए काम कर रहा है, ऐसे एल्गोरिदम विकसित करके जो मॉडलों को पूर्व में अर्जित ज्ञान को बनाए रखते हुए नए डेटा पर प्रभावी ढंग से फाइन-ट्यून करने की अनुमति देते हैं। इसमें नियमितीकरण तकनीकें शामिल हैं जो विनाशकारी भूलने (कैटास्ट्रॉफिक फॉरगेटिंग) को रोकती हैं, साथ ही वास्तुशिल्प समाधान जो वृद्धिशील सीखने (इंक्रीमेंटल लर्निंग) को सुविधाजनक बनाते हैं। ऐसा दृष्टिकोण एआई सिस्टम को लंबी अवधि में अधिक लचीला और प्रासंगिक बनाएगा, जो विशेष रूप से उन कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है जिनमें निरंतर ज्ञान अद्यतन की आवश्यकता होती है, जैसे समाचार फ़ीड या वैज्ञानिक प्रकाशनों का विश्लेषण।
स्रोत: DeepSeek (GNews) —
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