ज़ूम स्क्रीन-शेयरिंग में मिली खामी, हैकर्स ले सकते हैं डिवाइस का कंट्रोल
Zoom Video Communications Inc.
एक सुरक्षा शोधकर्ता ने ज़ूम की स्क्रीन-शेयरिंग सुविधा में कई कमजोरियों का खुलासा किया है, जो डिवाइस पर चुपचाप कब्ज़ा करने की अनुमति दे सकती हैं। ये बग्स सार्वजनिक एआई मॉडल की मदद से 20 से भी कम प्रॉम्प्ट में खोजे गए थे, जिसके बाद ज़ूम ने पैच जारी किए। यह खोज एआई-संचालित हैकिंग क्षमताओं के लोकतंत्रीकरण (डेमोक्रेटाइजेशन) को उजागर करती है।
डिजिटल डिफेंस फर्म ए सिक्योरिटी के शोधकर्ताओं ने स्क्रीन शेयरिंग के दौरान ज़ूम के रियल-टाइम एनोटेशन प्रोटोकॉल में कमजोरियाँ खोजी हैं, जिनका फायदा उठाकर बिना किसी इंटरैक्शन के चुपचाप लक्षित डिवाइस पर नियंत्रण हासिल किया जा सकता है। ये बग जून की शुरुआत में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मॉडल का उपयोग करके पाए गए थे, और इन्हें पहचानने तथा कार्यशील एक्सप्लॉइट तैयार करने के लिए 20 से कम प्रॉम्प्ट की आवश्यकता थी। ज़ूम ने एक सुरक्षा सलाह जारी की और सर्वर तथा क्लाइंट दोनों पक्षों के लिए सुधार जारी किए, जो सभी समर्थित ऑपरेटिंग सिस्टम को प्रभावित करते हैं। शोधकर्ता इस बात पर जोर देते हैं कि इन कमजोरियों का फायदा उठाना आसान है, क्योंकि ज़ूम कॉल में शामिल होना विश्वास का एक कार्य है, और ये कमजोरियाँ उद्यमों में पार्श्विक गति को सक्षम कर सकती हैं।
स्रोत: Wired AI —
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