वैज्ञानिकों ने पहले एआई-डिज़ाइन किए वायरस बनाए, सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ीं
शोधकर्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा डिज़ाइन किए गए पहले वायरस विकसित किए हैं, जिससे जैव सुरक्षा को लेकर आशंकाएँ बढ़ गई हैं। द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, इस सफलता के दोहरे उपयोग के निहितार्थ हो सकते हैं, जैव आतंकवाद में दुरुपयोग की संभावना के साथ, साथ ही चिकित्सा में प्रगति की भी पेशकश करते हैं।
द गार्डियन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने पहली बार ऐसे वायरस बनाए हैं जिन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा डिज़ाइन किया गया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि विशेषज्ञों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताओं को जन्म दे रही है, जो आशंका जताते हैं कि ऐसी तकनीक का दुरुपयोग घातक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जिसमें जैव-आतंकवाद भी शामिल है। एआई-डिज़ाइन किए गए वायरस चिकित्सा में सफलताएं भी दिला सकते हैं, लेकिन नुकसान की संभावना ने कड़े नियंत्रण की माँग उठाई है। रिपोर्ट जीव विज्ञान में एआई की दोहरी प्रकृति पर प्रकाश डालती है, जहाँ वही उपकरण जो बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकते हैं, उन्हें हथियार के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे खतरनाक रोगज़नक़ों के आकस्मिक या जानबूझकर फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
स्रोत: GNews EN — AI —
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