यूरोपीय लोग जानने वाले हैं कि AI उनके दैनिक जीवन में कितना गहराई से शामिल है
यूरोपीय संघ के नए नियमों के अनुसार, लोगों को सूचित किया जाना चाहिए जब वे AI से बातचीत करते हैं या AI-जनित या AI-संपादित सामग्री का सामना करते हैं। इससे 'खुलासा थकान' (disclosure fatigue) की चिंताएँ उत्पन्न हुई हैं। नियमों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है, लेकिन वे उपयोगकर्ताओं को लगातार सूचनाओं से अभिभूत कर सकते हैं।
नए यूरोपीय संघ के नियमों के अनुसार, जब भी व्यक्ति कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के साथ बातचीत करते हैं या ऐसी सामग्री देखते हैं जो एआई द्वारा निर्मित या संपादित की गई है, तो उन्हें सूचित किया जाना अनिवार्य है। इस आवश्यकता का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है, लेकिन इसने "सूचना थकान" की आशंका पैदा कर दी है, जिसमें उपयोगकर्ता लगातार अलर्ट के प्रति असंवेदनशील हो जाते हैं। ये नियम चैटबॉट से लेकर वीडियो संपादन उपकरणों तक कई डिजिटल सेवाओं को प्रभावित कर सकते हैं, और संभवतः यूरोपीय लोगों के दैनिक जीवन में एआई की व्यापक भूमिका को और अधिक स्पष्ट करेंगे।
स्रोत: Wired AI —
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