AI सुरक्षा 🇩🇪 04.08.2026 07:03

इंटरपोल की रिपोर्ट: अफ्रीका में साइबर अपराध के हर चरण में AI का प्रवेश, डीपफेक से लेकर फिशिंग तक

इंटरपोल की रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका में रिपोर्ट किए गए साइबर अपराधों में से 55 प्रतिशत में AI शामिल है, और वित्तीय नुकसान 2024 से दोगुने से अधिक होकर 192 मिलियन डॉलर से बढ़कर 484 मिलियन डॉलर हो गया है। वर्ष 2025 में AI महाद्वीप पर साइबर अपराध का केंद्रीय चालक बन गया है, जो सहायक उपकरण से आगे बढ़कर सभी हमले के चरणों में उपयोग हो रहा है - फिशिंग से लेकर बायोमेट्रिक प्रणालियों को बायपास करने वाली सिंथेटिक पहचान तक।
इंटरपोल की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि अफ्रीका में रिपोर्ट किए गए 55% साइबर अपराधों में एआई शामिल है, जो 2025 को महाद्वीप पर साइबर अपराध के केंद्रीय चालक के रूप में एआई के संक्रमण के वर्ष के रूप में चिह्नित करता है। 2024 के बाद से वित्तीय नुकसान दोगुने से अधिक हो गया है, जो 192 मिलियन डॉलर से बढ़कर 484 मिलियन डॉलर हो गया है, जो आपराधिक तरीकों में एक बुनियादी बदलाव को दर्शाता है। एआई का उपयोग साइबर हमलों के सभी चरणों में किया जाता है, जिसमें फ़िशिंग, जबरन वसूली और सिंथेटिक पहचान का निर्माण शामिल है जो बायोमेट्रिक प्रणालियों को बायपास करने में सक्षम हैं। रिपोर्ट में 36 अफ्रीकी देशों के आंकड़ों के आधार पर डीपफेक का उपयोग करके डिजिटल जबरन वसूली के लगभग 600,000 मामले दर्ज किए गए हैं। 2025/2026 में इंटरपोल-समन्वित अभियानों के परिणामस्वरूप 1,500 से अधिक गिरफ्तारियाँ और 100 मिलियन डॉलर से अधिक की जब्ती हुई। इंटरपोल की साइबर अपराध इकाई के प्रमुख नील जेटन ने कहा कि एआई साइबर हमले के हर चरण को स्वचालित करता है, टोही से लेकर फ़िशिंग, जबरन वसूली और अस्पष्टीकरण तक।
स्रोत: The Decoder (DE) — मूल
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